Thursday, December 14, 2017
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sl.num.033 मै उस एह्सास को मह्सूस करना चाहता था,जो उसके छूने के बाद उन किताबो मै आ गया था mishra’s lover

Sl.num.33. continue... मै उस एह्सास को मह्सूस करना चाहता था,जो उसके छूने के बाद उन किताबो मै आ गया था| किताबो को यथास्थान रखने के

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sl.num.032 मिश्राजी की ये आदत उसकी हसीन आदतो मे से एक थी mishra’s lover

Sl. num. 32. Continue अब उसकी बातो को अनसुना करना जायज ना था,लेकिन अब तक " डर" मेरी रगो मे खून बन कर दौडने लगा था| इसलिये मैने उससे हल्के स्वर

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sl.num.031 यार छोड फिर कभी देखते है… mishra’s lover

Sl.num.31. Continue... me, ".......dame sure...tell?"e Rimpy , "Yes...yes...yes" ऐसी कुछ ओर बातो पर हमारे बीच discussion हुआ,जब उस रोज हम दोनो सुबह टहल के वापस आ रहे थे| आज ना जाने कहा से उसके दिमाग मे ये अटपटी सी बाते आ गयी थी| उपर से उसकी जिद

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sl.num.30 Conversation …..तुम दोनो के बीच बहुत जरुरी हो गया है mishra’s lover

Sl.num 30. Few days later ( Copy paste - - - -material जब काँलेज मे जाने की बारी आयी थी, मुझे बात ये सबने समझायी थी, एक चक्कर है प्यार उसमे खोना नही, समन्दर सा होगा,डूबना नही, जरा बच के रहना,सम्हल के चलना, हो जायेगा बेहाल ,तो फिर ना कहना, ओर कहते -कहते,सुनते

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sl.num.29(2/2) साइकिल सवार एक झटके के साथ जमीन पर आ गिरा…mishra’s lover

Sl.num.29(2) चून्कि वो नवयुवक था,रगो मे गर्म खून दौड रहा था,तो ये सब करना उसे लज्जित कर सकता था| अन्तत्: हुआ ये कि जैसे ही मोटर्साइकिल सवार फरराटे के साथ चौराहा पार

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