Thursday, December 14, 2017
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sl.num.036 मैंने तो आपको तुरंत ही पहचान लिया था ,” वो बोली mishra’s lover

sl.num. 36 mishra's lover अगले दिन साइकिल स्टेंड के पास ...... साइकिल स्टेंड के पास ही एक सीडिया है जिन पर मे अक्सर बैठ जाया करता था । सबसे पहली बात - बैठनेके लिए बो एक unique जगह थी , दूसरी बात ,- वहाँ से कॉलेज की building से बाहर का नजारा काफी अच्छा

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sl.num.034 दिल से तो बोलना चाह रहा था ,पर जुवान मेरे दिल का साथ नही दे रही थी mishra’s lover

sl num 34.... continue... अन्ततः मैने गेट के पीछे खडे रिम्पी की ओर देखा,वो पहले से ही स्थिति से पूरी तरह बाकिब था,उसने भी अपने हाथो व चेहरे के एक्स्प्रेसन से मुझे बोल के लिये इशारा किया,वो

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sl.num.032 मिश्राजी की ये आदत उसकी हसीन आदतो मे से एक थी mishra’s lover

Sl. num. 32. Continue अब उसकी बातो को अनसुना करना जायज ना था,लेकिन अब तक " डर" मेरी रगो मे खून बन कर दौडने लगा था| इसलिये मैने उससे हल्के स्वर

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sl.num.29(1/2) मैने दोस्ती व भाईचारे के रिश्ते की नीव डाली थी mishra’s lover

Sl.num 29(1) 25 aug 2012 हो सकता है उनके मन मे कुछ सवाल ऐसे भी उठ रहे होन्गे जिनके तहत उन्हे लगता होगा ," कही ये लडका दिमाग से हिला- डुला तो नही है,या फिर कोइ मानसिक बिमारी?" वेसे भी उनके दिमाग

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sl.num.28 भगवान के यहा रिश्वत चलती होती, तो मै अपनी साँसे गिरवी रखकर हमेशा के लिये उसका मुस्कुराता चेहरा माँग लाता …mishra’s lover

Sl.num.28. 18 aug2012 उनके माथे की उभरती हुयी लकीरो मे प्रश्नवाचक चिन्ह साफ झलक रहे थे.लेकिन उन प्रश्नो का जबाब देना मेरे लिये compulsary तो नही था,ये सोचते हुये मैने वहाँ से चुपचाप निकलना उचित समझा| एक दिन बाद ...... ("उपर भगवान के यहा

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