Thursday, December 14, 2017
Home > home

home

कहानी कुछ ऐसी है …………………………..

.

……..वेसे रोज रोज नहीं मिलती वो मुझे ,लेकिन हाँ महीनो और सफतों के

 

हिसाब से मिलती जरुर है ,कभी-कभार, आते जाते रास्ते मे कहीं।

मुझे नहीं पता वो कौन है और कहाँ से आती है और कहाँ चली जाती है

 

,हाँ शायद जब आती है तो जाती नहीं और जब चली जाती है तो उसके

बाद तक बनी रहती है, बिलकुल वेसे ही जैसे हवाओ मे खुसबू रह जाती

है कुछ पल के लिए , जब कोई मध्धम सी हवा किसी खूबसूरत फूलो

के बगीचो से होकर गुजरती है। फिर उसके बाद वो हवा जहां से गुजरती

है , उस हर एक आलम को सुहाना बनाते हुये आगे बढ़ती है जो भी

 

उसके रास्ते मे आता है । बिना कोई भेदभाव किए हुये की कौन मेरा

अपना है और कौन वेगाना

ऐसी भी …………………….उस दिन ,उसने अपने बाल गीले होने की बजह से खोल

रखे थे,शायद हाल मे ही स्नान कर के आ रही थी,यानी कि उसने भी व्रत रखा

हुआ था| उपर उसने लाल या महरूम कलर का ,कोहनी से नीचे तक की बाजू

वाला सूट पहन हुआ था,पैरो मे शायद हल्के काले कलर का कुछ सल्वार जैसा

पहना हुआ था,क्युन्की कलर मै ठीक से पहचान नही पाया था| उसके कपडे उसकी

सभ्यता ओर सँस्क्रति का व्याख्यान कर रहे थे| पैरो मे साधारण तरह के चप्पल डाले

हुये थी| चेहरे पर एक प्यारी सी मुस्कान ओर अपार सादगी की भरमार थी| यही वो

चीजे थी जो उसे बाकी लड्कियो से अलग करती थी| इन सब छोटी -2 चीजो को मै

हमेशा नोटिस किया करता था|

 

कुछ ऐसी भी…..              .इससे पहले वो चली जाए ,मैंने बिना एक सेकंड गवाए

उससे कहा ,” hello mam ।”
उसने वापस मुड़कर ,मेरी तरफ देखा ,” thank you …..thanks for that day .

..you helped me।”
उसने भी तुरंत जबाब दिया ,” no no॥thank you तो मुझे आपसे कहना चाहिए ,

आपको देखकर ही तो मै आगे आ पायी थी ”
जब वो एकदम से ऐसे बोली तो मे तो पूरा चौक ही गया ,इसका मतलब इसको अभी

तक मेरा चेहरा याद है ,सिर्फ एक बार मे ही इसने मुझको
पहचान लिया।
मै फिर बोला ,” आप ही थी ,जिसने मेरी मदद की थी,so thank you so much ,”
वो भी फिर बोली ,” खैर अच्छी बात है,अब मे आपको thank यू बोल रही हु तो मेरा

thank you स्वीकार तो कीजिये । ”
फिर मैने मुस्कुरा दिया ।
(मेरी मुस्कुराहट का जबाब उसने भी मुस्कुराकर ही दिया । उससे बात करन अच्छा

लगा ,इसलिए मे बातचीत को थोडी और देर continue
रखना चाहता था )
मैंने फिर कहा ,” तो आप भी मेरा thank you स्वीकार कर लीजिये ”
वो एक बार फिर हल्की सी मुस्कुरायी ।
”दरअसल मै उसी दिन आपको thank you बोलना चाहता था ,पर आप अचानक से

गायब हो गई थी ,ये कहते हुये मैंने अपनी बात जारी
रखी ।
” हा उस दिन थोड़ी मै जल्दी मे थी ,….लेकिन…फिर भी पूरी तरह से help करवाकर ही

वहाँ से गई थी ,”उसने भी अपनी बात जारी राखी
”वेसे sorry to say but अभी मै आपको एकदम से पहचान नाही पाया था ,कुछ सेकंड

बाद जाकर मैंने आपको पहचाना ,” मैंने अपनी
बात आगे बढ़ायी
”भला ,मै किसी अच्छे इंसान को इतनी आसानी से कैसे भूल सकती हु ,मैंने तो आपको तुरंत

ही पहचान लिया था ,” वो बोली
(शायद उसने मेरी तारीफ की थी ,मुझे तो विश्वास ही नही हुआ ,की किसी लड़की ने मुझे

अच्छा कहा था ,या मैंने गलत सुना था ,हो सकता
है वो किसी और के बारे मे
बात कर रही हो । उसकी इस बात पर मै कुछ react नही कर पाया ,तो मै चुपचाप ही खड़ा रहा । )……

………… so stay tune with mishra’s lover