A co- passenger (अजनबी हमसफ़र)

वो ट्रेन के रिजर्वेशन के डब्बे में बाथरूम के तरफ वाली एक्स्ट्रा सीट पर बैठी थी,…… उसके चेहरे से पता चल रहा था कि थोड़ी सी घबराहट है उसके दिल में कि कहीं टीसी ने आकर पकड़ लिया तो। कुछ देर तक तो पीछे पलट-पलट कर टीसी के आने का इंतज़ार करती रही। शायद सोच रही थी कि थोड़े बहुत पैसे देकर कुछ निपटारा

continue reading

आपकी माँ के लिये …आपके आंखो मे पानी उतार आयेगा …

कल रात एक ऐसा वाकया हुआ जिसने मेरी ज़िन्दगी के कई पहलुओं को छू लिया. करीब 7 बजे होंगे, शाम को मोबाइल बजा । उठाया तो उधर से रोने की आवाज़…. मैंने शांत कराया और पूछा कि भाभीजी आखिर हुआ क्या? उधर से आवाज़ आई.. आप कहाँ हैं और कितनी देर में आ सकते हैं ? मैंने

continue reading

sl.num.038 वो मेरे लिए मेरी सबसे अच्छी दोस्त थी

sl.num.38........ उसी रात लगभग 2 बजे जब मे train के लिए निकल रहा था ,मम्मी ने मुझे कुछ पैसे दिये ,कहा कि तेरे खर्चे के लिए हो जायेंगे ,लेकिन मैंने हसते हुये लेने से मना कर दिया। मम्मी को भी पता था कि में नही लूँगा ,फिर भी उन्होने अपना फर्ज निभाया

continue reading

sl.num.037 मेरी किस्मत उसके साथ-साथ चलती है… mishra’s lover

sl.num.37 first week of september2012...... उस दिन के बाद मे कॉलेज नहीं गया,exam के लिए काफी कम समय बचा हुआ था,और मुझे कुछ ज्यादा किताबे कवर करनी थी। कुछ किताबे तो मुझे अपनी कोचिंग मे पढ़ने वाली विध्यार्थियों से मिली ,12th class क batch पढने वालो

continue reading

sl.num.036 मैंने तो आपको तुरंत ही पहचान लिया था ,” वो बोली mishra’s lover

sl.num. 36 mishra's lover अगले दिन साइकिल स्टेंड के पास ...... साइकिल स्टेंड के पास ही एक सीडिया है जिन पर मे अक्सर बैठ जाया करता था । सबसे पहली बात - बैठनेके लिए बो एक unique जगह थी , दूसरी बात ,- वहाँ से कॉलेज की building से बाहर का नजारा काफी अच्छा

continue reading