Thursday, December 14, 2017
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sl.num.009 देख मे डाइरैक्ट पॉइंट पर आता हु । mishra’s lover

serial no. 9

फोन बज रहा था मेरा ,

डिस्प्ले देखा तो पता चला श्यामू भैया का फोन था ।

मैंने कॉल अटेण्ड की और बोला ,” हाँ भैया ”

उधर से आवाज आई ,” कहाँ है ????”

में बोला ,” घर पर ”

श्यामू भैया ,”पाँच मिनट मे मेरे घर आजा । ”

इतना कह कर उन्होने कॉल काट दिया।

(मुझे कुछ-कुछ समझ मे आया भैया क्यू बुला रहे होंगे ।वही भैया का

प्रिय खेल cards खेलने के लिए । वेसे फिलहाल मेरा मन तो नहीं

था अभी खेलने का …………..फिर सोचा भैया का फोन है जाना ही पड़ेगा

और ,जब वहाँ पहुंचा तो मुझे ऐसा कुछ नजर नहीं आया ।

कुछ और ही मंजर है शायद ।

जैसे ही मुझे देखा ।

भैया बोले ,”आजा-आजा तुझसे कुछ काम है।

भैया फिर बोले,” कुछ फायदे की बात है तेरी भी और मेरी भी ।”

( मुझे कुछ समझ नहीं आया,फिर भी मैंने अपनी भोहे चढ़ायी। और समझने

की कोशिश करने लगा की शायद कुछ समझ आए । )

भैया बोले,” देख मे डाइरैक्ट पॉइंट पर आता हु । ”

(भैया ने मुझे बैठने का इशारा किया )

देख हम सब कोचिंग तो पढ़ाते ही है तो क्यू ना ‘सब लोग अलग-अलग पढाने

से अच्छा है की हम सब एक साथ एक जगह पर ही पढ़ाये। ”

(मे थोड़ा सा चौंका , मैंने सोचा इन्हे अचानक से क्या हो गया, फिर भी मैंने

अपनी मुंडी हिला दी )

भैया ने बोलना जारी रखा,”इसके कई फायदे है ,हम सब साथ भी रहेंगे ,समय

कम और पैसे भी ज्यादा मिलेंगे,”

में ,”अच्छा …… कैसे????

श्यामू भैया ,” देख मैंने कुछ सोचा है । ”

में,”क्या ????”

श्यामू भैया ,” मैंने एक जगह देखी है जो की मुझे किराये पर मिल सकती है ।

मैंने अपने 2-3 दोस्तो से भी बात कर ली है , बो सब अभी तक तो हाँ कह रहे

है । बाकी आगे अभी वहुत कुछ है । ”

में,”मतलब आप एक कोचिंग खोल रहे है और आप मुझे जोड़ रहे है ……या यूं

कहिए . आप मुझे एक तरह की जॉब ऑफर कर रहे है ।

श्यामू भैया ,”हाँ एकदम सही …. लेकिन जॉब नहीं ,पार्ट टायम जॉब । और

वेसे भी तू बच्चो को ट्यूसन तो पढ़ाता ही है ।तो सब मिलकर बच्चो को वहाँ पढाते है।

अपना भी फायदा होगा और समय भी बच जाएगा ।और कुछ लेवेल भी बढ़ाते

है ।बाकी अपनी-अपनी पढ़ाई भी डिस्टर्ब नहीं होगी ।

(मैंने एक गहरी सांस भरी और बोला )

में ,” okk मुझे कुछ कुछ समझ तो आ रहा है। और मे तैयार सा ही हु । ”

श्यामू भैया,” तैयार सा हु…. मतलब ”

में बोला ,” कुछ नहीं आप आगे बोलो ”।

श्यामू भैया ,” ठीक है मे तुझे कल वो जगह दिखा देता हु ।”

(मैंने मन मे ही सोचा इतना जल्दी )

फिर भैया बोले ,” हम परसो इंटरव्यू

रख रहे है ।”

(मे एकदम हैरान होते हुये बोला )

में ,”इंटरव्यू ………… किसका इंटरव्यू । ”

श्यामू भैया ,” तेरा ,,, और बाकी लोग भी देंगे ।

(भैया के चेहरे पर एक हल्की सी मुस्कान दिखी, क्यूंकी मेरा चेहरा देखने लयाक

था )

(मैंने एक गहरी सांस भरते हुये पूछा। )में ,”अच्छा … और लेगा कौन ।

श्यामू भैया ,”कोई स्पेशल नहीं , बल्कि सभी लोग थोड़ी थोड़ी देर का क्लास लेंगे ,

बाकी लोग निर्णय करेंगे।

(मैंने फिर पूछा )

में ,” अच्छा …क्लास किस चीज चीज पर लेनी होगी । ”

श्यामू भैया ,”जो तुझे अच्छा लगे ।”

थोड़ा सोचने के बाद मैंने हामी भर दी ।

( वेसे भी मुझे हामी भरनी ही थी । और अगर नहीं भी भरता तो भी भरनी ही थी ।)

उसके बाद भैया ने मुझे पूरा प्लान ठीक से समझाया । और मुझे ये भी बोला

की जो मेरा सबसे अच्छा टॉपिक हो उस पर मे क्लास ले सकता हु ।उसके

अलावा ….

कोचिंग कैसी होगी?

,किस किस क्लास को हम पढ़ाएंगे? ,

कोन क्या सब्जेक्ट पढ़ाएगा?

,होम ट्यूसन भी हम देंगे या नहीं?

, ……. और ऐसे ढेर सारे सवाल हमने डिस्कस किए । बाकी बचा खुचा भी मे

तुझे धीरे-धीरे समझा दूंगा।

फिलहाल जितना बता दिया उतना समझ ले ।(मे वहाँ लगभग 45 मिनट रुका) ,

इतना बोल कर भैया ने बात फ़ाइनल कर दी । और मुझे, कल जगह दिखाने के लिए

बोल दिया ।

((श्यामू भैया ……….. मेरे खून के रिस्ते मे तो नहीं आते। पर हाँ रिस्ता खून से कम

नहीं है । ना सिर्फ मेरे लिए बो बड़े भाई है, बल्कि मेरे दोस्त , हमदर्द , मार्गदर्शक

और बाकी सब कुछ हैं । जब भी कभी मुझे किसी चीज की जरूरत पड़ी मैंने उनसे

बेहिचक मांग ली, और मुझे कभी भी, न का सामना नहीं करना पड़ा।और मेरे लिए भी,

उनका हुक्म सर आँखों पर । जब मे शायाद 11 वीं मे था , मुझे उनकी छत्र छाया मिली ।

उस दिन से लेकर आज तक एक अच्छे दोस्त , अच्छा भाई और एक अच्छे मार्गदर्शक

की तरह उन्होने मेरा साथ दिया ।मे अपना सब कुछ भैया के साथ शेयर कर लेता हु ।

फिर भी कुछ बातें ऐसी थी, जो उंनकही थी।क्यूंकी शायद वो जरूरी नहीं थी ) )

to be continued

.

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raaj rathore
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