Saturday, August 18, 2018
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story in hindi episode.014(2) लगभग 5से6 सेकंड का आई कांटैक्ट था mishra’s lover sad love story

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22feb2012

आखिर हुमे अपनी कराटे क्लास भी तो जानी थी।क्लास पहुंचे तो पाता चला हम

पूरे पाँच मिनट लेट थे।ड्रेस चेंज किया ।क्लास मे एंट्री कि उसके बाद मे सेनसाई(कराटे

गुरु )ने इनाम के तोर पर बड़ी खातिरदारी कि और खातिरदारी मे ढेर सारी पनिशमेंट मिली।

कराटे क्लास खत्म किया ।वापस आते हुये रास्ते मे याद आया ,केमिस्ट्री प्रकटिकल कि

फाइल भी लेनी है।अभी ज्यादा आगे भी नहीं निकला था तो मैंने

तहसील तिराहे से राइट टर्न लिया। पथवारी मंदिर के सामने एक दुकान है ” महेश बूक

डिपो”और उन दिनो वो दुकान मेरी प्रिय दुकान थी।अब आप ये मत सोचना की मैंने

उसे(चाँद को)पथवारी मंदिर के सामने छोड़ा था,उधर से जाऊंगा तो वो मिल जाएगी

ऐसा कुछ नहीं था।उसकी एक बजह थी घड़ी मे पहले से ही 06:05 हो चुके थे बाकी

पाँच मिनट मुझे वहाँ पहुँचते-पहुँचते हो जाएंगे।उसके मिलने का कोई चान्स नहीं था।

मे सिर्फ अपने काम से जा रहा था। thik hai ,,,,……

दुकान पर पहुंचने के बाद मैंने भैया से कहा “भैया एक कैमिस्ट्रि की फ़ाइल

देना । “और फ़ाइल की तरफ इशारा करके बताया ।भैया फाइल निकालने लगे ।

मे पूरा पसीना-पसीना हो रहा था।क्यूंकी कराटे क्लास मे पूरा तेल निकाल लिया जाता

है।

मेरा बायाँ हाथ उनके काउंटर पर था और दायाँ हाथ साइकल के हैंडल पर ।

एक पैर जमीन पर और दायाँ पैर पैदल पर था।मैंने अपने बाएँ हाथ को काउंटर पर

से बिना हटाये, माथे पर आए पसीने को पोंछने के लिए थोड़ा झुका।जिससे मे अपने

सिर को अपने हाथ तक आसानी से पहुंचा सकु।

जिसने ये नियम दिया ,मुझे उस व्यक्ति का नाम तो नहीं पता। पर नियम कुछ

ऐसा है ,”जब भी कोई दूसरा व्यक्ति आपको कही से देखता या घूरता है। तो आपका

दिमाग को ये बात पता चल जाती है भले ही आप सो रहे हो । ”

मे पसीना पौंछ ही रहा था।सीधी सी बात है मेरी आँखें बंद ही थी।मेरा हाथ अभी

तक काउंटर पर ही था।मे थोड़ा झुका हुआ भी था।आँखें खोली ,सीधी निगाह पीछे ही गयी।

(शायद वही नियम ही काम कर गया )

पीछे से चांद गुजर रही थी।उसने अपने पूरा सिर बायीं तरफ घुमाया हुआ था।और वो मुझे

ही देख रही थी। या यूं कह लीजिये, गुस्से से घूर रही थी।उसकी बड़ी-बड़ी आँखें पूरा खुली

हुयी थी।मे भी उसे देखने लगा।मेरी आँखें उसकी आँखों पर रुकी और मे देखता ही रह

गया।अभी भी वो देख ही रही थी।हम एक दूसरे कि तरफ देखते रहे जब तक कि वो मुझे

पूरा क्रॉस नई कर गयी।मेरे पूरे शरीर मे करेंट दौड़ गया।मे एक दम अचंभित हो गया था।आज

फिर कुछ पल के लिए मे स्तब्ध रह गया।खुद मुझे ही नहीं समझ आ रहा था ये क्या

हुआ।वो लगभग 20 मीटर आगे निकल चुकी थी।इसलिए मेने अपनी गर्दन को तुरंत दूसरी

तरफ घुमाया ।मे पक्के यकीन से कह सकता था,की ये गुस्सा तो नहीं था।बाकी क्या था

मुझे नहीं पता,पर ये गुस्सा नहीं था।क्यूंकी उसके चेहरे पर कोई सिकन नहीं थी।लगभग

5से6 सेकंड का आई कांटैक्ट था।मे अभी तक उसे पीछे से देख ही रहा था।मेरे पीछे से

आवाज आयी,” ये लो तुम्हारी फाइल”। sad love story

कसम से,मैंने एक बार भी पीछे मूड कर नही देखा।साइकल ले कर चल दिया।चलते

-चलते ज़ोर से चिलाया,”कल आके ले जाउगा ,भैया ।”

अपने शरीर कि सारी ताकत का ज़ोर लगाया और पहुँच गया उसके एकदम पीछे

मुसकिल से 5 मीटर कि दूरी होगी।बस फिर से उसे फॉलो करने लगा ।मे एकदम शांत

था लेकिन मन मे बहुत कुछ चल रहा था।फिर दो सेकेंड के लिए मेने कॉन्संट्रेट किया।

वो दोनों अभी भी आपस मे कुछ बातकर रही थी।मैंने सुनने कि पूरी कोशिश कि पर नही

सुन पाया।फिर जब चाँद बोल रही थी तब भी सुनने कि कोशिश कि पर कुछ नहीं सुन

पाया।बस मुझे उसके आवाज कि सरगम सुनाई दी।सच मे बहुत प्यारी आवाज होगी ।

शायद मेरे अंदाजे से भी बहुत ज्यादा प्यारी ।

मे उसका पीछा करते-करते गोपाल डेयरी वाली गली से होते हुये पक्के तालाब कि

तरफ आ गया।अभी भी मे उसको फॉलो कर रहा था।बीच मे कभी-कभार इधर उधर भी

देख लेता।किसी को कही शक न हो जाए जाये।और मेरा कचूमर निकाल दिया जाए।

थोड़ी देर और मे उसके पीछे चला,अव वो लोग अलग-अलग हो गए।वो किसी दूसरी

तरफ मूड गयी और उसकी सहेली किसी दूसरी तरफ ।फिर मेने भी अपनी घर की

तरफ का रास्ता पकड़ लिया।मैंने सोचा क्या मुझे उसके पीछे और जाना चाहिए फिर

सोचा आज गली पता चल गयी काफी है।आगे बाकी भी पता चल जाएगा।कोन सा

हम शिकोहाबाद छोड़ने वाले है या फिर वो छोड़ कर जाने वाली है।

घर से जितना सोच कर चला था,मुझे उससे कही ज्यादा मिला।आखिर मे

जो ढेर सारा रेस्पोन्स मिला।वो मेरे लिए bonus था।आज के लिए इतना काफी

था,आखिर मे हम काफी खुश थे।बड़े तो हम हो रहे थे पर दिल से नादान ही थे।

खैर मेहनत रंग लायी।घर पहुँच कर ज़ोर कि अंगड़ाई ली …….. ओहह नो ….. पूरी

बॉडी मे दर्द था ,, पुनिसमेंट

का असर था।मुझे पता था अब ये दर्द दो तीन दिन से पहले जाने वाला नही।……………..

to be continued

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mishra’s lover

 

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raaj rathore
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