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sl.num.28 भगवान के यहा रिश्वत चलती होती, तो मै अपनी साँसे गिरवी रखकर हमेशा के लिये उसका मुस्कुराता चेहरा माँग लाता …mishra’s lover

Sl.num.28. 18 aug2012 उनके माथे की उभरती हुयी लकीरो मे प्रश्नवाचक चिन्ह साफ झलक रहे थे.लेकिन उन प्रश्नो का जबाब देना मेरे लिये compulsary तो नही था,ये सोचते हुये मैने वहाँ से चुपचाप निकलना उचित समझा| एक दिन बाद ...... ("उपर भगवान के यहा

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