Thursday, December 14, 2017
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sl.num.035 same day…कलकत्ता जितनी दूर जगह में पहले कभी नही गया था…mishra’s lover

sl num 35. same day ...... continue शाम को जब मै,भैया के घर पर ही बच्चो को ट्यूसन

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sl.num.28 भगवान के यहा रिश्वत चलती होती, तो मै अपनी साँसे गिरवी रखकर हमेशा के लिये उसका मुस्कुराता चेहरा माँग लाता …mishra’s lover

Sl.num.28. 18 aug2012 उनके माथे की उभरती हुयी लकीरो मे प्रश्नवाचक चिन्ह साफ झलक रहे थे.लेकिन उन प्रश्नो का जबाब देना मेरे लिये compulsary तो नही था,ये सोचते हुये मैने वहाँ से चुपचाप निकलना उचित समझा| एक दिन बाद ...... ("उपर भगवान के यहा

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sl.num.27 उसकी साइकिल को identify करने की मुझे अच्छी खासी practice थी mishra’s lover

Sl.num.27. 16 aug 2012 मैने लाइब्रेरी के timing मे थोडा फेर - बदल किया,ताकि जो incident होते थे ,उन्हे pre planned incident मे बदला जा सके| दर असल उसकी क्लासेस 1 p.m. शुरु हुआ करती थी,इसलिये वो लगभग 5 मिनट पहले

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