Thursday, December 14, 2017
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Sl.num.23. पूरे 03 महिने 10 दिन …mishra’s lover

Sl.num.23. दो से तीन दिन बाद ….

मेरी जानकारी थोडी सी तरोताजा हुयी.
अब की बात्-चीत जो पता चला. उस दिन से एकदम उलटा था,
दर असल हुआ कुछ यू था.
जैसा कि मिश्रा जी कही ओर admission ले रहे थे,किसी कारणवश उनका वहाँ admission होना रद्द हो गया था.

उसके बाद नया समाचार ये था,
1.कि उसने अगला फोर्म मेरे कोलेज मे ही डाला हुआ था,
उसके भी अलावा,
2.वो कल यानी कि 28 jul 2012 को अगर उसका सोर्ट लिस्ट मे नाम आता है तो वो admission लेने कोलेज भी आयेगी.

…..इतना सब जान लेने के बाद ..खुशी का आलम क्या रहा होगा, अन्दाज – ए- बयान मुमकिन नही है….so let it go.
वेसे अगले दिन मुझे कोलेज मे इतना भी कुछ खास काम नही था. पर मे यूँ ही घुमते-घामते कोलेज पहुन्च गया.उस दिन कोलेज जाने का मेरा कोइ खास मक्सद भी नही था.सिवाय इसके कि अगर वो कल कोलेज आती है तो मुझे पूर 03 महिने 10 दिन के बाद शायद उसके दर्शन हो जाये, क्युन्की अखिरी बार मैने उसको 17 aprl को देखा था. वरना उन दिनो हमारे पास कहा इतना समय था कि हम कही भी युँ ही घुमते फिरते रहते.उन दिनो एक -एक minute बडे कीमती हुआ करते थे.
अब चुन्की मुझे उसका नाम पहले से पता था,इसलिये कोलेज पहुन्चने के बाद सीधा मे सूचना पटल की तरफ दौडा.मुझे पता करना था कि उसका नाम लिस्ट मे कहा है.
सूचना पटल पर तो दो- तीन लिस्ट थी , इसलिये मैने एक से शुरुआत करके आखिरी लिस्ट मे आखिरी नाम तक चेक किया. लेकिन बात कुछ ऐसी थी कि मुझे बिल्कुल भी हजम नही हुयी.मैने वही प्रक्रिया एक बार फिर दोहरायी..पहली लिस्ट से शुरु करके आखिरी लिस्ट मे आखिरी नाम तक चेक किया.
पर किसी भी लिस्ट मे कही पर भी उसका नाम नही था.हालान्की कुछ ओर लड्कियो के नाम थे जिनके पीछे टायटल मिश्रा था ,परन्तु जो नाम मे ढून्ढ रहा था ,कही था ही नही.
ये तो एक नयी उलझन थी.लेकिन हा एक लिस्ट थी जिसका एक कौना फटा हुआ था.
तभी मेरे मन मे एक ख्याल आया,”ये कौना जो की किसी न किसी लड्के ने फाड रखा है,यहाँ पर भी तो उसका नाम हो सकता है, जो कि किसी कारणवश दिख नही पा रहा है.”
बात काफी हद तक सही थी.
उधर दुसरा बिचार ये आया,” ऐसा भी तो हो सकता है ये नाम जो मुझे पता है. गलत भी तो हो सकता है,शायद कुछ ओर हो.”
बात तो ये भी काफी हद तक ठीक थी.
खैर उसके बाद मे , कोलेज मे अपना काम निपटाने के बाद थोडी देर रुका,
पर वहाँ वेसा ना कोइ था ओर ना ही आया.
जब मुझे लगा अब् ओर नही रुका जा सकता .तो मे वापस घर आया.
शायद वो दिन बिल्कुल भी काम नही आया…to be continued….
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Mishra’s lover

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raaj rathore
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