Thursday, December 14, 2017
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sl.num.010 लोग तो सिर्फ effect थे और मे special effect mishra’s lover

sl.num.10

अगले ही दिन भैया ने मुझे बो जगह दिखाई ,जहां उनका

कोचिंग सेट-उप करने क्ला बिचार था ।जगह अच्छी थी ,

उसके अलावा, उस जगह की लोकेशन काफी अच्छी थी ,क्यूंकी वहाँ

आस पास भी कोई कोचिंग इंस्टीट्यूट नहीं था । और उस जगह का

नाम था …. आवास-विकास कॉलोनी।

उसके अगले दिन ,वो सारे लोग इकठ्ठा हुये जो टीचर बनने वाले थे।

यानि की कोचिंग का पूरा स्टाफ । जिसमे सतीश भैया ,राहुल भैया

,अजय भैया ,अरविंद भैया के साथ-साथ में भी शामिल था। तो

जैसा की पहले से प्लान था की सभी को किसी न किसी टॉपिक

पर डेमो लैक्चर देना है । इसलिए सभी लोग लगभग तैयार ही थे ।

उनमे भी कुछ लोग तो प्रॉफेश्नल टीचर ही माने जा सकते थे ,जैसे

की सतीश भैया और अरविंद भैया । बाकी राहुल भैया उनके पास तो

ढेर सारी नॉलेज थी । अजय भैया भी मुझसे काफी सीनियर थे ।

अब बचा सिर्फ मे ….. सबसे जूनियर और कुछ ज्यादा पढाने का

तजुरवा भी नही था।अब अगर सीधा-सीधा कहू मे तो बात ये थी

की मुझे कही न कही थोड़ी बहुत टेंशन हो रही थी । पता नहीं कैसा

होगा, मेरा डेमो क्लास ??

सभी लोग एक-एक कर के आगे बढ़ने लगे ।सभी का कभी अच्छा

क्लास था।मैंने भी अपने सारे पॉइंट एक बार फिर से कलेक्ट किए ,

ताकि मे भी कुछ ठीक ठाक बोल सकु।फिर मेरा नंबर भी आ गया ।

धीरे से चल के मे आगे पहुंचा। मैंने अपना टॉपिक फ़िज़िक्स के प्रकाश

चैप्टर से निकाला था । जब शुरुआत की तो ,चहरे के पूरे हाफ भाव

बदले ,पर धीरे धीरे मे कमफरटेबल हो गया । थोड़े ही ढेर मे मेरा

flow बन गया । उसके बाद 15 मिनट की शानदार क्लास ली मैंने

और जब भैया की तरफ से इशारा मिला तो मैंने अपना क्लास

खत्म किया । मेरा क्लास इतना बुरा भी नहीं था । ऐसा मुझे महसूसू

हुआ । बाकी उन लोगो की क्या राय थी । अभी जानना बाकी थी ।

अंततः सब कुछ ठीक था । कहते है न की अंत भला तो सब भला ।

फिर भैया ने लास्ट मे आगे का प्लान बताया।जैसे की अभी पम्पलेट्स

छपबाने थे , फिर उन्हे हर जगह चिपकाना भी था ,व्हाइट बोर्ड ,

मार्केर्स ,बेंचेस बनबानी थी।, और ऐसे ढेर सारे काम थे । वेसे तो इन

सब कामो की जिम्मेबरी सतीश भैया की ही थी ,

चूंकि मे भैया का राइट हेंड था तो मेरा पूरा सहयोग भैया को चाहिए

था।बाकी सब लोग भी तैयार थे पर मुझे क्या करना था मुझे अच्छी

तरह पता था ।या यूं मान लीजिये…. सभी लोग तो सिर्फ effect

थे और मे special effect था भैया के लिए

आखिर मे भैया ने सभी को क्लाससेस भी बाँट दी। जैसे की सतीश भैया ने

इंग्लिश मीडियम 9th-12th, अरविंद भैया को इंग्लिश

बैच अप टु 12th,राहुल भैया को साइन्स मैथ अप टु 12 और

अजय भैया को सभी को कॉमन देखना था।बाकी बचा मे तो मुझे मैथ

और साइन्स अप टु 10th सौंपा गया।to be

continued…

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raaj rathore
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