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Kuposhan Ka Kya Karan Hai | भारत मैं कुपोषण के लिए कारण, लक्षण और उपचार Latest 2024

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Kuposhan Ka Kya Karan Hai

नमस्कार दोस्तों आज इस लेख मैं Kuposhan Ka Kya Karan Hai इसके बारे में यहां पर जानकारी देने वाले हैं, कुपोषण एक गंभीर स्थिति है, कुपोषण तब होता है, जब किसी व्यक्ति के आहार में पोषक तत्वों की सही मात्रा नहीं होती है, भोजन आपको स्वस्थ रखने के लिए ऊर्जा और पोषक तत्व प्रदान करता है।

अगर आपको प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, वसा, विटामिन और खनिजों सहित पर्याप्त पोषक तत्व नहीं मिलते हैं, तो आप कुपोषण से पीड़ित हो सकते हैं, तो चलिये अब जानते हैं (Kuposhan Ka Kya Karan Hai) कुपोषण का कारण क्या है।

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आप कुपोषण की इस तरह उल्लेख कर सकते हैं | Kuposhan Ka Kya Karan Hai

  • अल्पोषण (Undernurition) – यदि आपको पर्याप्त पोषक तत्व प्राप्त नहीं हो रहे हैं, तो उम्र के हिसाब से आपकी लंबाई और वजन कम हो जाता है, इसके अलावा लंबाई के हिसाब से वजन कम होना अल्पोषण के लक्षण हैं।
  • अतिपोषण (Overnutrition) – ज्यादा पोषक तत्वों को प्राप्त करने से आपको मोटापा, ज्यादा वजन और आहार से संबंधित गैर संचारी रोग (जैसे ह्रदय रोग, स्ट्रोक, मधुमेह और कैंसर) हो जाते हैं।

कुपोषण हर देश मैं लोगों को प्रभावित करता है, दुनियां भर मैं लगभग 190 करोड़ एडल्ट्स ज्यादा वजन वाले हैं, जबकि 46 करोड़ एडल्ट्स काम वजन वाले हैं, अनुमानित 5 साल से कम उम्र के 41 लाख बच्चे से ज्यादा वजन या मोटापे से ग्रस्त हैं, जबकि करीबन 1.6 करोड़ छोटे कद वाले और 5 करोड़ कमजोर बच्चे हैं, लोहे की पूरकता की कमी की वजह दुनियां भर मैं 53 करोड़ या 29% महिलाएं एनीमिया से प्रभावित हैं।

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डाइट करके और एक्सरसाइज करके थक चुके हैं।

कुपोषण के लक्षण | Malnutrition Symptoms In Hindi

  • शरीर से असामान्य रूप से फैट कम होना।
  • सांस लेने से संबंधित परेशानियां
  • अवसाद
  • सर्जरी के बाद जटिलताओं का जोखिम
  • हाइपोथर्मिया का जोखिम असामान्य रूप से शरीर का तापमान कम होना
  • ठंड ज्यादा लगना
  • चोट, संक्रमण या अन्य किसी बीमारी सही होने मैं ज्यादा समय लगना।
  • सेक्स ड्राइव मैं कमी
  • प्रजनन क्षमता मैं कमी
  • थकान या उदासीनता
  • चिड़चिड़ापन

लक्षण वह होते हैं, जो मरीज महसूस करता है, और उनके बारे मैं बताता है, संकेत वह होते हैं, जिनका डॉक्टर पता लगाते हैं, जैसे – दर्द लक्षण हो सकता है, जबकि लाल चकत्ते संकेत हैं।

कुछ प्रकार की सफेद रक्त कोशिकाओं की संख्या गिरने से प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर हो जाती है, जिसके कारण संक्रमण होने का जोखिम बढ़ जाता है।

ज्यादा गंभीर मामलों मैं | Kuposhan Ka Kya Karan Hai

  1. स्किन पतली, सुखी, स्थिर, पीली और ठंडी हो सकती है।
  2. चेहरे का वास खोने से गाल खोखले और और आंखें धसी हुई लगती हैं।
  3. बाल शुष्क और विरल हो जाते है, और गिरने लगते हैं।
  4. कभी कभी, गंभीर कुपोषण की वजह से घबराहट हो सकती है।
  5. अगर कैलोरी की कमी लंबे समय तक जारी रहती है, तो हार्ट, लिवर और लंग फेलियर हो सकता है।

बच्चों मैं कोपिषण के लक्षण | Kuposhan Ka Kya Karan Hai

बच्चे जो गंभीर रूप से कुपोषित हैं, वो आमतौर पर धीमी गति से व्यवहारिक और बौद्धिक विकास का अनुभव करते हैं, जिससे वे मानसिक विकलांग हो सकते हैंड लेकिन जो बच्चे सही हो जाते हैं, उनमें लंबे समय तक कुपोषण के प्रभाव दिखते हैं, जैसे कि मानसिक काम और पाचन तंत्र मैं परेशानी।

जिन वयस्कों में गंभीर कुपोषण वयस्कता के दौरान शुरू होता है, वो अक्सर इलाज के समय पूरी तरह से सही हो जाते हैं।

कुपोषण के कारण | Malnutrition Causes In Hindi

कुपोषण एक विश्वव्यापी परेशानी है, पर्यावरणीय, आर्थिक और चिकित्सा स्थितियों के कारण हो सकती है।

कुपोषण के सामान्य कारणों मैं शामिल है।

  • खाद्य असुरक्षा या पर्याप्त और सस्ते भोजन की कमी – काफी अध्ययन मैं विकासशील और विकसित दोनो देशों मैं खाद्य असुरक्षा और कुपोषण मैं संबध पाया है।
  • पोषक तत्वों के अवशोषण के साथ पाचन संबंधी समस्याएं – ऐसी बीमारियां जो कुपोषण की वजह बनती हैं, जैसा कि क्रोहन रोग, सिलिएक रोग और आंतों में बैक्टीरियल अतिवृद्धि।
  • बहुत ज्यादा शराब पीना – शराब अधिक वाइन से प्रोटीन, कैलोरी और सूक्ष्म पोषक तत्वों की अपर्याप्त खपत होती है।
  • मानसिक स्वास्थ्य विकार – अवसाद और अन्य मानसिक रोग कुपोषण के खाते की बढ़ा सकती है, एक अध्ययन मैं पाया गया है, के स्वस्थ इंसानों की तुलना मैं अवसाद से पीड़ित लोगों मैं कुपोषण की व्यापकता 4% ज्यादा थी।
  • खाद्य पदार्थों की उपलब्धता या पकाने में कमी – अध्ययन से पता चला है, कि बहुत कमजोर होने, चल फिर पाने मैं परेशानी और मांसपेशियों में कमजोरी कुपोषण के जोखिम को बढ़ाते हैं, इन परेशानियों से भोजन पकने की क्षमता कम होती है।

कुपोषण से बचाव | Prevention Of Malnutrition In Hindi

कुपोषण की रोकथाम के लिए स्वस्थ संतुलित आहार की सलाह दी जाती है, चार प्रमुख खाद्य समूह हैं, जिनमे शामिल हैं।

  • ब्रेड, चावल, आलू और अन्य स्तर्चयुक्त खाद्य पदार्थ यह आहार का सबसे बड़ा हिस्सा है, और ऊर्जा और कार्बोहाइड्रेट के लिए कैलोरी प्रदान करते हैं, जो कि शुगर मैं परिवर्तित होते हैं, जिससे ऊर्जा मिलती है।
  • दूध और डेयरी खाद्य पदार्थ ( वसा और वास्तविक शुक्र के जरूरी श्रोत होते हैं, जैसे – लैक्टोस और कैल्शियम जैसे खनिज)
  • फलों और सब्जियां ( विटामिन और खनिजों के जरूरी श्रोतों के साथ ही बेहतर पाचन स्वास्थ्य के लिए फाइबर और स्थूलखाद्य)
  • मांस मछली, अंडे सेम और प्रोटीन के अन्य गैर डेयरी श्रोत – शरीर को बनाने मैं इनका बहुत जरूरी भाग है, और यह काफी शारीरिक और एंजाइम कार्यों मैं मदद करते हैं।

इसके अलावा सभी हॉस्पिटल में मरीजों, बच्चों, गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों को कुपोषण के लिए मूल्यांकन किया जाना चाहिए, बच्चों मैं कुपोषण की रोकथाम करने के लिए गर्भवती महिलाओं को पर्याप्त पोषण देना चाहिए।

कुपोषण का उपचार | Malnutrition Treatment In Hindi

कुपोषण का उपचार अंतर्निहित वजह और व्यक्ति कितना कुपोषित है, इस पर निर्भर करता है।

आपको घड़ पर रह कर स्वयं का ध्यान रखने के लिए उचित सलाह दी जा सकती है, या आवश्यकता होने पर आहार विशेषज्ञ (डाइटिशियन) के सपोर्ट की जरूरत हो सकती है, गंभीर मामलों मैं हॉस्पिटल में उपचार की जरूरत हो सकती है।

आहार विशेषज्ञ आपको इन डाइट संबंधित परिवर्तनों के बारे मैं सलाह देंगे जिनसे आपको फायदा होगा, वो आपके लिए एक डाइज प्लान बना सकते हैं, जिससे आपको पर्याप्त पोषक तत्व मिलें।

अगर ये उपाय पर्याप्त न हों, तो पूरक (सप्लीमेंट्स) के रूप मैं अतिरिक्त पोशाक तत्व लेने की सलाह भी दी जा सकती है, इन्हें सिर्फ एक मेडिकल प्रोफेशनल की सलाह पर ही लिया जाना चाहिए।

बच्चों मैं कुपोषण का उपचार | Kuposhan Ka Kya Karan Hai

किसी भी और उम्र के मुकाबले कुपोषण से बच्चों मैं और ज्यादा परेशानियां पैदा होती हैं, क्योंकि वो विकास (दोनों शारीरिक और मानसिक) मंदता और फिर से होने वाले संक्रमणों की संवेदनशीलता की वजह बन सकते हैं।

लंबे समय तक बीमारियों वाले बच्चों को कुपोषण के लिए एक चिकित्सीय उपाय के रूप मैं उपचार की जरूरत होती है, इसमें अतिरिक्त पोषक तत्व, विटामिन और खनिज पूरक आदि शामिल हैं, अंतर्निहित बीमारी को कुपोषण को रोकने के लिए पूरी तरह से इलाज की जरूरत होती है।

हॉस्पिटल में गंभीर कुपोषण के इलाज की जरूरत होती है, इसमें पैरेंटेरल पोषण और पोषक तत्व को धीरे धीरे मौखिक रूप से लेना शामिल है, जैसे ही स्थिति स्थिर हो जाती है, तो वो एक सामान्य आहार को अपनी जीवन शैली मैं शामिल कर सकते हैं।

FAQ Kuposhan Ka Kya Karan Hai

Q. कुपोषण के कारण क्या हैं?

Ans. शरीर के लिए जरूरी संतुलित आहार लंबे समय तक नहीं मिलना ही कुपोषण है।

Q. कुपोषण किसकी कमी के कारण होता है?

Ans. प्रोटीन और कैलोरी

Q. कुपोषण के प्रमुख प्रकार कौन कौन से हैं?

Ans. वेस्टिंग, स्टटिंग, कम वजन और सूक्ष्म पोषक तत्वों की कमी।

मैं आशा करता हूँ दोस्तो यहाँ दी हुयी जानकारी Kuposhan Ka Kya Karan Hai आपको पसंद आई होगी, और आपके सारी दुबिधा इस पोस्ट को पढ़ने के बाद समाप्त हो गयी होंगी, और आपको भी यहाँ से बहुत कुछ जानने को मिला होगा तो दोस्तों व बहनों हम आपके लिए ऐसी जानकारी वाली पोस्ट लाते रहते हैं, सिर्फ आपके लिए तो आप हमारे साथ जुड़ सकते हैं, साथ ही मैं अपने दोस्तों के साथ साझा भी कर सकते हैं।

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आपका बहुत-बहुत जो अपने इस पोस्ट Kuposhan Ka Kya Karan Hai को अंत पढ़ा और साथ ही अपने यार दोस्तो के साथ Share भी किया।

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