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Hichki Rokne Ke Upay : आ रही है हिचकी तो ये उपाय अपनायें Latest 2024

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Hichki Rokne Ke Upay

हेल्लो नमस्कार मेरे प्यारे भाईयों और बहनों तो आज के इस आर्टिकल (Hichki Rokne Ke Upay) में हम आपको खासतौर पर हिचकी रोकने के कुछ खास उपाय बताने वाले हैं। जो आपके लिए काफी ज्यादा खास होने वाले हैं। क्योंकि हिचकी आना जो कि एक आम समस्या है, कई बार जल्दी-जल्दी खाना खाने से, बिना रुके पानी पीने या तीखी मिर्च खा लेने की वजह से हिचकी आनी शुरू हो जाती है। जो कि आमतौर पर पानी पीने से हिचकी (Hiccups) की समस्या से हमे राहत मिल जाती है। लेकिन कई बार पानी पीने के बावजूद हिचकी नहीं रुकती है।

जिसके बाद वह कभी-कभी हिचकी आना एक सामान्य हो जाती है, अगर मान लो आपको बार-बार हिचकी आती है, तो यह कई समस्याओं की ओर आपको इशारा भी किया करती है। हिचकी आने का सबसे मुख्य कारण कि डायफ्राम में सिकुड़न होता है, इसके अलावा, गैस, पाचन में गड़बड़ी, गर्दन में किसी प्रकार का ट्यूमर या गांठ या मस्तिष्क में चोट की वजह से भी बार-बार हिचकी आने की शिकायत सकती है। तो आइये इनसे राहत (Hichki Rokne Ke Upay) दिलाने के कुछ उपाय जान लेते हैं।

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हिचकी क्या है  (What is Hiccups in Hindi)

दोस्तों हिचकी क्या है? यह सवाल आपको थोड़ा कभी न कभी तो परेशान करता ही होगा। हिचकी को जिसे दो भागों में बांटा गया है। पहली डायाफ्राम से, जिसकी अनियंत्रित क्रिया से हिचकी उत्पन्न होती है। डायाफ्राम सांस लेने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली मुख्य मांसपेशी है, जो फेफड़ों की सतह पर मौजूद होती है। हिचकी की दूसरी क्रिया वोकल कोर्ड से जुड़ी है, जिसमें रुकावट होने से हिचकी उत्पन्न होती है। वोकल कोर्ड के तुरंत बंद होने से ही ‘हिच’ की ध्वनि निकलती है।

हिचकी रोग के प्रकार

आयुर्वेद में हिचकी के पांच प्रकार बताए गए हैं-

  • महाहिक्का : आपको बता दे कि इसमें अधिक तेजी से हिचकी आती है।
  • क्षुद्रा हिक्का : इसमें आपको हिचकी थोड़ी देर के लिए आती है और फिर वह शांत हो जाती है।
  • महा-गम्भीरा : इसमें हिचकी काफी गंभीर आवाज के साथ आती है।
  • व्येपता हिक्का : अगर इस हिचकी की बात की जाय तो इसमें लगातार ना आकार रुक-रुक कर हिचकी आती है।
  • अन्नजा हिक्का : प्रायः छीक के साथ धीमी आवाज के साथ होती है। यह जलपान करने या भोजन करने से या कभी-कभी अपने आप ही दब जाती है।

हिचकी आने के कारण

  • धुआं, धूल, तेज वायु का सेवन करना।
  • ठण्डी जगह पर रहना।
  • अधिक शराब पीना।
  • ज्यादा भोजन करना या भोजन करते समय बात करना।
  • बहुत देर तक हंसने से भी व्यक्ति के अन्दर अनजाने में हवा चली जाती है, और हिचकी आती है।
  • ठण्डे आहार का सेवन।
  • कार्बोनेटेड युक्त पेय पदार्थों को पीना।
  • पेट की सर्जरी
  • मेटाबॉलिक डिसऑर्डर
  • नर्वस सिस्टम से जुड़ा विकार

हिचकी के लक्षण

मानलो अगर आपको हिचकी आती है, तो आप यह अनुभव कर सकते हैं –

  • वायु अनायास ही गले में समा जाती है।  
  • एपिग्लॉटिस (श्वास नली का आवरण) बंद होने पर हिच ध्वनि उत्पन्न करता है। 
  • डायाफ्राम का एक तेज संकुचन जो छाती की हड्डी के ठीक नीचे महसूस होता है।

हिचकी रोकने के उपाय | Hichki Rokne Ke Upay

  • हर्बल धुएं की मदद लें : एक पैन में थोड़ा सा घी, हल्दी पाउडर, दालचीनी के पत्ते गर्म करें और इसे 2-3 मिनट सूंघे। खाली पेट इसे करने से बार-बार हिचकी आने में आराम मिलता है।
  • घुटने मोड़कर बैठें : हिचकी लगने पर नीचे जमीन पर बैठ जाएं और फिर अपने घुटनों को मोड़ कर छाती के पास ले आएं। कुछ देर ऐसे रुकने के बाद आपकी हिचकी (छोटे बच्चे की हिचकी दूर करने के उपाय) रुक जाएगी।
  • नाक को स्क्वीज करें : हिचकी आने पर धीरे-धीरे पानी पीते हुए अपनी नाक को स्क्वीज करें। इससे भी हिचकी मिलने में आराम मिल सकता है।
  • गर्दन के पीछे रब करें : हिचकी आने पर अपने पीछे गर्दन पर हल्के-हल्के से मसाज करें। इससे आपके नर्व स्टीमुलेट होती हैं और हिचकी बंद हो सकती है।
  • पेपर बैग में सांस भरें : एक पेपर बैग को मुंह पर रखें और धीरे-धीरे सांस लेते और छोड़ते हुए उस बैग में हवा भरें। कुछ 2 मिनट ऐसे करने से आपको हिचकी में आराम मिलेगा।

हिचकी रोकने के कारगर उपाय | Hichki Rokne Ke Upay in Hindi

  • अपनी नाक को जोर से बंद करे और पानी पीये।
  • एक चम्मच शहद और पीनट बटर को मुँह में डाले और उसे निगल जाएं।
  • जीभ पर सिरके भी कुछ बुँदे डाले, चाहे तो आप नींबू का रस भी डाल सकते हैं।
  • आप अदरक का एक टुकड़ा मुँह में डालकर उसे चूसे जिसके बाद हिचकी में आराम मिलेगा।
  • गुनगुने पानी से गरारे करें।
  • आइस क्यूब का एक छोटा टुकड़ा मुँह में रखे और फिर इसे टॉफी की तरह चूसे।

डॉक्टर से कब मिलना चाहिए?

जिन लोगों को हिचकी और चेतावनी के संकेत हैं, उन्हें तुरंत डॉक्टर को दिखाना चाहिए। अगर हिचकी 2 या 3 दिनों तक आती रहती है, तो बिना चेतावनी संकेतों वाले लोगों को डॉक्टर को दिखाना चाहिए।

विशेष : अगर आपको बार-बार हिचकियां आ रही है, तो आप किसी डॉक्टर से सलाह लें। खुद ही अपना इलाज करने से आपको अन्य समस्याएं हो सकती हैं। ये तरीके भी सभी पर काम करें ऐसा जरूरी नहीं है। इसलिए इन्हें करने से पहले किसी एक्सपर्ट से परामर्श जरूर लें।

FAQ Hichki Rokne Ke Upay

Q. हिचकी बंद न हो रही तो क्या करे?

Ans : ठंडे पानी के गरारे करने से मांसपेशियां शांत हो जाती हैं, जिससे हिचकी रूक सकती है।

Q. हिचकी बंद करने के लिए क्या खाना चाहिए?

Ans : नींबू का टुकड़ा मुंह में रखकर चूसने से हिचकी आना बंद हो जाती है।

Q. कौन सा फल हिचकी रोकता है?

Ans : नींबू के टुकड़े को कुछ सेकंड के लिए चूसें और अपनी हिचकी गायब होते हुए देखें।

मेरे प्यारे भाईयों और बहनों तो आज आप इस आर्टिकल (Hichki Rokne Ke Upay) में अच्छे से जान गए होंगे, कि कैसे आप अपनी हिचकी को रोक सकते हैं। ऐसी और जानकारी पाने के लिए हमे फॉलो करें।

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आपका बोहत-बोहत धन्यवाद जो आपने इस आर्टिकल (Hichki Rokne Ke Upay) को अंत तक पढ़ा और साथ ही इसे अपने दोस्तों के साथ शेयर कर दिया।

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